अगर आप लोन (Loan) या क्रेडिट कार्ड (Credit Card) लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से आपके लिए एक बहुत अच्छी खबर है। RBI ने क्रेडिट स्कोर (Credit Score) को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।

अब तक आपका सिबिल (CIBIL) या क्रेडिट स्कोर अपडेट होने में 30 से 45 दिन का समय लगता था, लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब यह प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी।

क्या है RBI का नया नियम? (RBI New Credit Score Rules)

RBI ने सभी बैंकों और NBFCs (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी हर 15 दिन (Fortnightly) में क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (जैसे CIBIL, Experian) को भेजें।

  • पहले क्या था: पहले बैंक महीने में केवल एक बार (Monthly) रिपोर्ट भेजते थे।
  • अब क्या होगा: अब बैंकों को महीने की 15 तारीख और आखिरी तारीख को डेटा अपडेट करना होगा।

“7 दिन” का क्या है कनेक्शन?

अक्सर लोगों को कन्फ्यूजन होता है कि स्कोर 7 दिन में अपडेट होगा। दरअसल, RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि 15 दिन का साइकिल पूरा होने के बाद, उन्हें अगले 7 दिनों के भीतर यह डेटा क्रेडिट ब्यूरो को भेजना अनिवार्य है। यानी प्रक्रिया इतनी तेज होगी कि ग्राहकों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह नियम 1 जनवरी 2025 से पूरी तरह प्रभावी हो रहा है।

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आम आदमी को इससे क्या फायदा होगा?

इस नए नियम से लोन लेने वालों को तीन बड़े फायदे होंगे:

  1. लोन मिलने में आसानी: अगर आपने अपना पुराना लोन चुका दिया है, तो पहले यह जानकारी सिबिल रिपोर्ट में दिखने में 1-2 महीने लग जाते थे, जिससे नया लोन मिलने में देरी होती थी। अब यह जानकारी 15 दिन के अंदर अपडेट हो जाएगी, जिससे आपका स्कोर तुरंत सुधर जाएगा और नया लोन जल्दी मिलेगा।
  2. गलतियों में सुधार (Faster Correction): कई बार क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी (जैसे- गलत बकाया राशि) आ जाती है। 15 दिन की अपडेट साइकिल होने से ऐसी गलतियों को जल्दी सुधारा जा सकेगा।
  3. डिफॉल्टर्स की पहचान: यह नियम बैंकों के लिए भी फायदेमंद है। अगर कोई व्यक्ति एक बैंक का पैसा नहीं चुका रहा और दूसरे से लोन मांग रहा है, तो दूसरे बैंक को 15 दिन के अंदर ही पता चल जाएगा कि वह व्यक्ति डिफॉल्टर है।

कैसे चेक करें अपना अपडेटेड स्कोर?

आप Paytm, Google Pay या सीधे CIBIL की वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। RBI के इस कदम से भारतीय बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता (Transparency) बढ़ेगी और डिजिटल लेंडिंग को बढ़ावा मिलेगा।