अक्सर हम सड़क यात्रा के दौरान रास्ते में लगे मील के पत्थर या माइलस्टोन पर नज़र डालते हैं, जो हमें गंतव्य तक की दूरी तो बताते ही हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन पत्थरों पर बनी पीली, हरी, नीली, काली या नारंगी रंग की पट्टियाँ भी एक खास संदेश देती हैं। ये रंग इस बात का संकेत होते हैं कि आप किस तरह की सड़क पर चल रहे हैं – राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, शहर/जिला सड़क या गांव की सड़क।
पीली पट्टी: National Highway का संकेत
यदि आपको सड़क के किनारे लगा माइलस्टोन ऊपर से पीला और नीचे से सफेद रंग में दिखे, तो समझ लीजिए कि आप National Highway (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर सफर कर रहे हैं। ये वही हाईवे होते हैं जो देश के बड़े‑बड़े शहरों और राज्यों को आपस में जोड़ते हैं और जिनका रखरखाव National Highways Authority of India (NHAI) करती है। ऐसे हाईवे लंबी दूरी की तेज रफ्तार यात्रा के लिए बनाए जाते हैं, जैसे NH‑44 (श्रीनगर से कन्याकुमारी) और NH‑19 (दिल्ली से कोलकाता) आदि।
हरी पट्टी: State Highway की पहचान
अगर माइलस्टोन के ऊपरी हिस्से पर हरा और नीचे सफेद रंग दिखे, तो इसका मतलब है कि आप State Highway (राज्य राजमार्ग) पर हैं। ये सड़कें एक ही राज्य के अलग‑अलग शहरों, कस्बों और ज़िलों को जोड़ती हैं और इनका निर्माण व रखरखाव संबंधित राज्य सरकारें करती हैं। हरा रंग यहाँ प्रायः क्षेत्रीय/राज्य स्तरीय कनेक्टिविटी और इंटरनल रोड नेटवर्क को दर्शाने के लिए चुना गया है।
नीली या काली पट्टी: City या District Road
अगर किसी पत्थर पर ऊपर की तरफ नीला या काला रंग और नीचे सफेद रंग दिखाई दे, तो समझिए आप शहर या ज़िले की मुख्य सड़क पर हैं, जिसे City Road या District Road की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी सड़कें मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों, कस्बों और ज़िला मुख्यालयों के बीच लोकल ट्रैफिक और छोटी दूरी की आवाजाही संभालती हैं। इनका रखरखाव स्थानीय निकाय या संबंधित जिला प्रशासन के अधीन होता है, इसलिए इन पर नीला/काला कलर कोड इस्तेमाल किया जाता है।
नारंगी पट्टी: Village Road और ग्रामीण कनेक्टिविटी
नारंगी रंग की पट्टी वाला माइलस्टोन यह बताता है कि आप Village Road या ग्रामीण सड़क पर यात्रा कर रहे हैं। ये सड़कें गांव‑गांव को जोड़ने के साथ‑साथ उन्हें तहसील या ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने का काम करती हैं और इनमें से कई सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं के तहत किया जाता है। नारंगी रंग यहाँ ग्रामीण विकास और गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी के प्रतीक के तौर पर लिया जाता है।