नई दिल्ली: पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय क्या आप भी ₹100, ₹200, या ₹500 जैसे राउंड फिगर के बजाय ₹99, ₹110, ₹210, या ₹510 जैसे ऑड-अमाउंट (Odd Amount) में फ्यूल डलवाते हैं? बहुत से लोगों का मानना है कि ऐसा करने से पेट्रोल पंप पर होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
लोगों के बीच यह धारणा है कि पंप मालिक अक्सर राउंड फिगर (जैसे ₹100) पर मशीन को पहले से ‘प्री-सेट’ या ‘फिक्स’ करके रखते हैं, जिससे आपको पूरे पैसे का तेल नहीं मिलता। लेकिन क्या इस ‘ऑड-अमाउंट’ ट्रिक में वाकई कोई सच्चाई है? हमने इस बारे में एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारी से बात की और फ्यूल चेक करने के कुछ आसान तरीके जाने।
क्या है ‘₹99, 110, 210’ वाली ट्रिक का सच?
एक पंप कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यह बात काफी हद तक सही थी, खासकर पुरानी मशीनों के समय में। हालांकि, नई डिजिटल मशीनों में ऐसा करना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।”
उन्होंने बताया कि राउंड फिगर की जगह ऑड-अमाउंट में तेल डलवाने का एक मनोवैज्ञानिक फायदा जरूर है। जब आप ₹101 या ₹210 जैसा अमाउंट बोलते हैं, तो पंप अटेंडेंट को मशीन को ‘मैन्युअल’ रूप से सेट करना पड़ता है। इससे वह ज्यादा सचेत रहता है और धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।
लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि धोखाधड़ी करने वाले किसी भी अमाउंट पर आपको ठग सकते हैं। इसलिए, सिर्फ ऑड-अमाउंट पर निर्भर रहने के बजाय, हर ग्राहक को कुछ बुनियादी बातें हमेशा याद रखनी चाहिए।
पंप कर्मचारी ने बताए धोखाधड़ी से बचने के 3 आसान तरीके
सबसे जरूरी है ‘जीरो चेक’ (Zero Check) यह फ्यूल भरवाते समय सबसे पहला और सबसे जरूरी नियम है। कर्मचारी ने बताया, “हमारी शिफ्ट में कई ग्राहक फोन पर बात करते हुए या किसी और तरफ देखते हुए आते हैं। हम नोजल उठाते हैं और तेल डालना शुरू कर देते हैं।” कैसे बचें: हमेशा अपनी गाड़ी से उतरकर (या कार में हैं तो शीशा नीचे करके) डिस्पेंसर मशीन पर नजर रखें। सुनिश्चित करें कि अटेंडेंट ने नोजल आपकी गाड़ी के टैंक में डालने से पहले मीटर पर रीडिंग को “0.00” (जीरो) पर रीसेट कर दिया है। कई बार अटेंडेंट पिछले ग्राहक की ₹30 या ₹40 की रीडिंग से ही आपका फ्यूल भरना शुरू कर देते हैं।
बातों में उलझाने की तरकीब (Distraction Tactic) आपने देखा होगा कि जब एक कर्मचारी तेल भर रहा होता है, तो दूसरा कर्मचारी आपसे बातें करने लगता है, जैसे “सर, पॉल्यूशन चेक करा लो?” या “सर, ऑयल बदलवा लो?”। यह अक्सर ध्यान भटकाने की एक तरकीब होती है ताकि आपका ध्यान मीटर से हट जाए। कैसे बचें: अपनी नजर सीधी मीटर की रीडिंग पर रखें, जब तक कि वह रुक न जाए। फ्यूल भरने के बाद ही किसी और से बात करें।
ऐसे जांचें पेट्रोल की शुद्धता (Filter Paper Test) मात्रा (Quantity) के अलावा शुद्धता (Quality) भी एक बड़ी चिंता है। पेट्रोल में मिलावट तो नहीं? इसे जांचना आपका अधिकार है। कैसे बचें: हर पेट्रोल पंप पर ‘फिल्टर पेपर टेस्ट’ की सुविधा रखना अनिवार्य है। आप कर्मचारी से इसकी मांग कर सकते हैं।
