नई दिल्ली (9 नवंबर 2025): सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे हफ्ते भी जारी रहा है। इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन (शुक्रवार, 7 नवंबर) को भी कीमती धातुओं पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव देखा गया, जिसका सीधा असर घरेलू वायदा बाजार (MCX) और सर्राफा बाजारों पर पड़ा।
क्यों सस्ता हो रहा है सोना?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में इस लगातार गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
- मजबूत अमेरिकी डॉलर: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घट जाती है।
- यूएस फेड का रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करने या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने के संकेतों से बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज (Yield) नहीं मिलता है, इसलिए निवेशक बॉन्ड मार्केट की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, जिससे सोने का आकर्षण कम हो गया है।
- आर्थिक आंकड़े: अमेरिका से आ रहे मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों के बीच, फिलहाल निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं, लेकिन डॉलर की मजबूती सोने पर भारी पड़ रही है।
इस हफ्ते कितना सस्ता हुआ सोना?
इस कारोबारी सप्ताह (नवंबर का पहला सप्ताह) के अंत में, सोने की कीमतों में एक महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई।
- MCX पर भाव: भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर शुक्रवार को सोने का दिसंबर वायदा अनुबंध (Gold Futures) लगभग ₹71,800 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ।
- सर्राफा बाजार: वहीं, दिल्ली और मुंबई के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव (Spot Price) गिरकर ₹72,100 प्रति 10 ग्राम के करीब आ गया।
अगर पिछले तीन हफ्तों की कुल गिरावट को देखें, तो सोना अपने हालिया उच्चतम स्तर से लगभग ₹2,500 से ₹3,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों पर भी दबाव देखा गया। चांदी का भाव (Silver Price) भी इस हफ्ते गिरकर ₹87,500 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, सोने की कीमतें कुछ समय तक दबाव में रह सकती हैं। हालांकि, दिवाली के बाद और शादियों के सीजन (Wedding Season) की शुरुआत से पहले आई इस गिरावट को खरीदारों के लिए एक अच्छे मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है।
