Tech News In Hindi: भारत में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड (Cyber Fraud) को रोकने के लिए केंद्र सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है। अगर आप भी किसी जुगाड़, वर्चुअल नंबर या बंद पड़े नंबर से WhatsApp चला रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। दूरसंचार विभाग (DoT) एक नई योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत बिना एक्टिव सिम कार्ड (Active SIM Card) के वॉट्सऐप या अन्य कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा।
सरकार के इस कदम का सीधा मकसद फर्जी कॉल्स, स्पैम और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों पर लगाम लगाना है। आइए जानते हैं क्या है यह नया नियम और इसका आप पर क्या असर पड़ेगा।
क्या है सरकार की योजना?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूरसंचार विभाग (DoT) और ट्राई (TRAI) मिलकर ओटीटी (OTT) कम्युनिकेशन ऐप्स (जैसे WhatsApp, Telegram, Signal) के लिए कड़े नियम बना रहे हैं।
- एक्टिव सिम जरूरी: प्रस्ताव के अनुसार, वॉट्सऐप अकाउंट केवल उसी नंबर पर चलना चाहिए जो मोबाइल में एक्टिव हो।
- वर्चुअल नंबर पर बैन: अक्सर साइबर ठग विदेशी वर्चुअल नंबर्स (+92, +1, +44) का इस्तेमाल करके वॉट्सऐप अकाउंट बनाते हैं और बिना सिम के इंटरनेट के जरिए ठगी करते हैं। नए नियम से ऐसे अकाउंट्स को तुरंत ब्लॉक किया जाएगा।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत? (Reason Behind the Move)
पिछले कुछ सालों में भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘वॉट्सऐप स्कैम’ के मामले तेजी से बढ़े हैं। जांच में पाया गया कि:
- ज्यादातर ठग ऐसे मोबाइल नंबरों से वॉट्सऐप चलाते हैं, जिनके सिम कार्ड या तो फेंक दिए गए हैं या बंद हो चुके हैं।
- सिम कार्ड बंद होने के बावजूद वॉट्सऐप वाई-फाई (Wi-Fi) पर चलता रहता है, जिससे पुलिस के लिए अपराधी को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
